अंबानी-अडानी के लिए पीएम मोदी ला रहे बिजली संशोधन एक्ट: अरविंद केजरीवाल

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Narendra modi vs Arvind Kejriwal

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव से बिजली संशोधन एक्ट लेकर आई है, यानी बिजली कानून में बदलाव कर रहे हैं। ये बेहद खतरनाक बदलाव है। कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। इसके बाद बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि मिडिल क्लास के लिए जीना मुश्किल हो जाएगा। गरीब की बात छोड़ दें। इस कानून के बाद राज्य सरकार की सारी पावर बिजली पर खत्म हो जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके राजनीतिक मायने भी हैं। इस बिल में लिखा है क्रॉस सब्सिडी खत्म कर देंगे। डोमेस्टिक कैटेगरी में कम रेट होते हैं, इंडस्ट्रियल में ज़्यादा लेकिन इस बिल में सब बराबर हो जाएंगे। कोई स्लैब नहीं रहेगा और बिजली का एक रेट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों, डोमेस्टिक का रेट कम होता है लेकिन इंडस्ट्री का रेट ज़्यादा रखते लेकिन अगर सारा बराबर हो गया तो बहुत बुरा हाल हो जाएगा। कानून में लिखा है कि अगर राज्य सरकार चाहे तो DBT के सीधा सब्सिडी दे सकती हैय क्रॉस सब्सिडी खत्म करने बोझ राज्य सरकारें नहीं उठा पाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली का उदाहरण लें तो यहां दिल्ली में बिजली की कॉस्ट ₹7.40 है. 200 से नीचे 1 रुपये है अभी, जबकि 200-400 पर 2.5 रुपये है, लेकिन अब सबकी बिजली रेट 7.40 प्रति यूनिट हो जाएगी। अगर इस कानून में हम सब्सिडी भी रखें तो भी बिजली महंगी हो जाएगी। अगर इसमें सट्टा बाजार हावी हुआ तो 10 रुपये यूनिट बिजली हो जाएगी। किसानों का बुरा हाल हो जाएगा. ये पूरा का पूरा कानून राज्यों से सारी ताक़त-अधिकार छीन रहा है, हमारा कोई दखल नहीं रहेगा। अब रेगुलेटरी कमीशन में ज़्यादातर केंद्र सरकार के लोग होंगे। अब केंद्र सरकार हर साल टैरिफ तय करेगी। केजरीवाल ने कहा कि इस कानून में लिखा है बिजली की सारी कॉस्ट जनता भरेगी। जनरेशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्पेकुलेशन आदि सबकी कीमत जनता चुकायेगी। मोदी जी के दोस्त की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ये सब किया जा रहा है।

अब बिजली कंपनी को पूरे देश मे केवल केंद्र सरकार खुश करना है सब काम हो जाएगा। अब पुलिस भी आपको गिरफ़्तार कर सकती ज़रा सी गलती पर. पीएम तो पोलिटिकल आदमी हैं उनकी जितनी पॉलिटिक्स कोई नहीं समझता. दिसंबर में ये बिल आएगा, शीत सत्र में पास करवाएंगे। चुनाव से तीन महीने पहले ऐसा बिल क्यों?  कहीं ऐसा तो नहीं कि मोदी जी को हार का डर है इसलिए अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने में लगे हैं। सारे सीएम को लिखूंगा। नॉन बीजेपी सीएम से खुद मिलूंगा और किसी भी कीमत पर पास होने से रोकूंगा। उन्होंने कहा कि संशोधन एक्ट के बाद दिल्ली का सब्सिडी बिल बिल 1800 करोड़ से बढ़कर सालाना 10,000 हज़ार करोड़ हो जाएगा। अनिल अंबानी और अडानी की कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।