सोशल मीडिया पर रात 10 बजे के बाद नहीं होगा चुनाव प्रचार: EC

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भविष्य में होने वाले चुनावों में आचार संहिता लागू होने के बाद उम्मीदवार रात के समय प्रचार अभियान थमने पर मतदाताओं को फोन कॉल, एसएमएस या व्हाट्सप्प संदेश के जरिए वोट मांगने की अपील नहीं कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर यह प्रतिबंध लागू किया है। इसके तहत चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक की वह अवधि शामिल है जिसमें चुनाव प्रचार निषिद्ध होता है।

आयोग के सचिव एन.टी. भूटिया द्वारा हाल ही में सभी राज्यों और संघशासित क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को जारी निर्देश में यह स्पष्टीकरण दिया गया है। मौजूदा व्यवस्था में उम्मीदवार आचार संहिता लागू होने के बाद दिन में ही संवाद एवं संचार के सभी माध्यमों से प्रचार अभियान चला सकते हैं। प्रचार अभियान संबंधी मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत उम्मीदवार रात को प्रचार थमने की अवधि में लाउडस्पीकर या सभाएं आयोजित कर प्रचार नहीं कर सकते हैं। हालांकि इस अवधि में उम्मीदवार घर-घर जाकर या फोन कॉल एवं एसएमएस आदि को प्रचार का माध्यम बना लेते थे लेकिन अब अम्मीदवार यह सब भी नहीं कर सकते।

आयोग ने इसके पीछे नागरिकों की निजता का सम्मान करने और सामान्य जनजीवन में अशांति या व्यवधान को रोकने को मुख्य वजह बताया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के हवाले से इस साल 20 अप्रैल को जारी निर्देश में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। निर्देश में आयोग ने कहा ‘‘नागरिकों की निजता का सम्मान करने और सामान्य जनजीवन में अशांति को कम करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।’’ आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस निर्देश से सभी संबद्ध जिला निर्वाचन अधिकारियों, अन्य चुनाव अधिकारियों और सभी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों को अवगत कराते हुए इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

इसका उल्लंघन होने पर मतदाता चुनाव आयोग के ‘सी विजिल’ मोबाइल एप के जरिये शिकायत कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि इस साल के अंत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने हाल ही में इस एप को लॉंच किया था।