मंदिर में पूजा करने से रोका तो 65 से ज्यादा लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म

      टिप्पणी बन्द मंदिर में पूजा करने से रोका तो 65 से ज्यादा लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म में
Fawn news joining link
Buddhism

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 50 से ज्यादा लोगों के धर्म परिवर्तन करने का मामला सामना आया है। आरोप है कि एक मंदिर के पुजारी ने एक जाति विषेश को पूजा करने से रोका। इतना ही नहीं पुजारी पर गुस्से में आकर पीटने की धमकी देने और जाति का नाम लेकर गाली देने का भी आरोप है।

मामला 11 सितंबर का है। साहिबाबाद में डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले हिमांशु कुमार मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति पर चोला चढ़ाने गए थे। हिमांशु का कहना है कि मंदिर के पुजारी ने उन्हें ना सिर्फ चोला चढ़ाने से मना किया बल्कि उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया और विरोध करने पर मारपीट करने को तैयार हो गया।

पुजारी की हरकत से आहत होकर हिमांशु अपने घर गए और अपनी बात सबके सामने रखी। जिसके बाद इलाके के सभी लोग एक जगह पर जुटे और लोगों ने एकसाथ बौद्ध धर्म अपनाने की बात तय की और रविवार के दिन एकसाथ 50 से ज्यादा लोगों ने गाज़ियाबाद के नवयुग बाज़ार के पास अंबेडकर मैदान मे बौद्ध धर्म अपना लिया।

इसके पहले पिछले शनिवार को लोगों ने पुजारी के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत दी थी, लेकिन जब पुजारी को मंदिर से हटा दिया गया तो लोगों ने अपनी शिकायत वापस ले ली।

इन आरोपों पर इलाके के लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ का कहना है की पुजारी 8 वर्षों से है और वो कभी भेदभाव नहीं करते, जबकि कुछ आरोपों को सच मान रहे हैं। मंदिर का पुजारी इन आरोपों को गलत बता रहा है।

पीड़ित का कहना है कि बौद्ध धर्म में किसी का अपमान नहीं किया जाता। इसलिए उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया है। हालांकि इस विषय में मंदिर की तरफ से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलवाने वाले धर्म प्रचारक का कहना है कि 65 से 70 लोगों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी गई है।