रक्षाबंधन पर इस शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर बांधें राखी

      टिप्पणी बन्द रक्षाबंधन पर इस शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर बांधें राखी में
Fawn news joining link
Raksha Bandhan

रक्षाबंधन के त्योहार का सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। साल में एक बार आनेवाले इस त्योहार के दिन भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं। इस बार रक्षाबंधन के त्योहार को 26 अगस्त रविवार को मनाया जाएगा।

इस साल राखी कई मायनों में खास है, क्योंकि वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब राखी बांधने के लिए बहनों को किसी भी शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार पूर्णिमा के दिन पूरे 24 घंटे तक राखी बांधी जा सकेगी।

रक्षाबंधन के दिन बहन अपने छोटे और बड़े भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानि की राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन मांगती है। भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के बाद बहन उसके माथे पर तिलक लगाकर आरती करती है। हिंदू धर्म की मान्यता के मुताबिक, ऐसा करने से भाई-बहन का रिश्ता अटूट हो जाता है। कहते हैं कि जब तक जीवन की डोर और श्वांसों का आवागमन रहता है एक भाई अपनी बहन के लिए और उसकी सुरक्षा, खुशियों के लिए हमेशा आगे रहता है।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
वैसे तो भाई की कलाई पर राखी बांधने का कोई भी वक्त अशुभ नहीं माना जाता है। परन्तु भाई की दीर्घायु और खुशियों की कामना एक शुभ मुहूर्त में की जाए तो सारे कष्ट दूर होते हैं। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, इस साल 26 अगस्त को सुबह 05.59 से सायंकाल 17.25 तक राखी बांधने का मुहूर्त शुभ है। कुछ ज्योतिषाचार्यों का यह भी कहना है कि सूर्योदय के समय राखी बांधी जाए तो यह भाई को दीर्घायु प्रदान करती है।

भद्राकाल में नहीं बांधी जाती है राखी
भूख पेट रहने के अलावा रक्षाबंधन का एक खास नियम यह भी है कि भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती है। इस वर्ष राखी की सबसे खास बात ये है कि भद्राकाल का समय सूर्य के उदय होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा।

इस दि भगवान विष्णु के एक अवतार हयग्रीव का भी जन्मदिन है। इसलिए राखी के दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष शुभ फलदायी है। भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार के पीछे देवी लक्ष्मी का भी योगदान था इसलिए भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करना धन और समृद्धिदायक रहेगा।