नक्सल इलाके से पहली डॉक्टर बनेगी आदिवासी बेटी माया कश्यप

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Maya Kashyap Dornapal Chattisgarh

छत्तीसगढ़ के सुकामा जिले का नाम सुनते ही मन में पहला ख्याल नक्सलवाद आता है। इसी सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके दोरननापाल की रहने वाली एक लड़की माया कश्यप इस छवि को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की होनहार लड़की माया कश्यप ने एमबीबीएस में प्रवेश पाकर एक मिसाल पेश कर दी है। अब तक इस इलाके को नक्सली प्रभावित क्षेत्र माना जाता था। ऐसी परिस्थितियों में माया के डॉक्टर बनने के लिए बढ़ते कदमों ने वहां रहने वाले बच्चों को नई प्रेरणा दी है।

माया कश्यप सुकमा के दोरनापाल की रहने वाली हैं और उनके परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब है लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने हौसला रखा और अपनी मेहनत से एमबीबीएस में दाखिला लिया।

माया कश्यप की बहन कहती हैं कि पिता की मौत के बाद हमारा परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हो गया था लेकिन माया ने हिम्मत नहीं हारी। आज परिवार उनकी सफलता पर गर्व कर रहा है।

माया कश्यप ने जून में राष्‍ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास कर ली थी। माया के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोरनापाल से अब तक कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बन पाया। माया का एमबीबीएस 2023 में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से पूरा होगा।

माया कश्यप ने बताया कि बतौर जेबखर्च उन्हें 500 रुपए मिलते थे, नीट की तैयारी के समय उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन अब उन्होंने जो सपना देखा था, वह पूरा होने वाला है।