यूपी में बाबा साहेब का नाम अब लिखा जाएगा डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर

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Dr. Bhimrao Ramji Ambedkar

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने फैसला लिया है कि वह तमाम राजकीय अभिलेखों में संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम के साथ राम जी को भी जोड़ेगी। योगी सरकार ने बुधवार को सभी विभागों को और इलाहाबाद की सभी कोर्ट की बेंचों को आदेश दिया है कि वह अपने अभिलेखों में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जगह डॉक्टर भीमराव रामजी आंबेडकर का इस्तेमाल करें।

योगी सरकार के इस फैसले की अहम वजह है कि संविधान के पन्ने में बाबा साहब का नाम डॉक्टर भीमराव रामजी आंबेडकर के नाम से हस्ताक्षर। बाबा साहब डॉक्टर भीमराज आंबेडकर महासभा के निदेशक डॉक्टर लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि इस अभियान को 2017 में राज्यपाल राम नाईक ने शुरू किया था। राम नाईक ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महासभा को पत्र लिखकर आंबेडकर के नाम का सही उच्चारण करने और सही तरह से लिखने के लिए ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराया था।

लालजी प्रसाद ने बताया कि मुख्य बात यह है कि उनके नाम का सही उच्चारण होना चाहिए, अंग्रेजी में उनके नाम की स्पेलिंग सही है, लेकिन हिंदी में उनके नाम को अंबेडकर की जगह आंबेडकर लिखा जाना चाहिेए। रामजी उनके पिता का नाम था, लिहाजा पुरानी परंपरा के अनुसार पिता का नाम बेटे के नाम के मध्य में इस्तेमाल किया जाता है। लिहाजा अभी भी ऐसा करना चाहिए।

जिसके बाद बुधवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव जीतेंद्र कुमार की ओर से यह शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके लिए संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति को आधार बनाया गया जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर के डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के रूप में हस्ताक्षर सम्मिलित हैं। आपको बता दें कि 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती भी है, ऐसे में समय के लिहाज से सरकार के इस आदेश के कई मायने निकाले जा रहे हैं।